परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

केन्द्रीय विद्यालय नंबर 1, सी.पी.सी.आर.आइ, कासरगोड के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय नंबर 1, सीपीसीआरआई, कासरगोड अगस्त 1980 में शुरू हुआ, इसका उद्देश्य शुरुआत में सीपीसीआरआई (आईसीएआर) के तहत...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. डी. मंजुनाथ
उप आयुक्त
केन्द्रीय विद्यालय उत्कृष्टता, रचनात्मकता और सीखने के विशिष्ट केंद्र हैं जो आज के छात्रों को कल के जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। वे न केवल संज्ञानात्मक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि चरित्र निर्माण भी करते हैं और इस प्रकार 21वीं सदी के प्रमुख कौशल से सुसज्जित समग्र व्यक्तियों का निर्माण करते हैं। शिक्षक विद्यालय के सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं, जो लगातार बदलते शैक्षणिक परिदृश्य की मांगों को आसानी से अपना रहे हैं, जहां पारंपरिक को लगातार आधुनिक द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। वे अपने छात्रों को सर्वोत्तम प्रदान करने के उद्देश्य से नवीनतम परिवर्तनों से अवगत रहते हैं, चाहे वह शिक्षाशास्त्र हो या प्रौद्योगिकी। छात्र गुरुओं की स्नेहपूर्ण देखभाल और मार्गदर्शन में फलते-फूलते हैं, जो उन्हें जीवन में वास्तविक चुनौतियों का सामना करने और संबोधित करने के लिए मार्गदर्शन और सहायता करते हैं। वे नए ज्ञान क्षेत्र और अवधारणाओं को सीखते हैं और अपनी क्षमताओं का उपयोग करके ऐसे विचार पेश करते हैं जो समाज को बदल सकते हैं। केंद्रीय विद्यालयों का दृष्टिकोण एनईपी 2020 की परिकल्पना के अनुसार एक समतापूर्ण और जीवंत ज्ञान समाज विकसित करना है। हमारा उद्देश्य तर्कसंगत विचार और कार्य करने में सक्षम, करुणा और सहानुभूति, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक स्वभाव और नैतिक के साथ रचनात्मक कल्पना रखने वाले मनुष्यों को विकसित करना है। मूल्य. केंद्रीय विद्यालयों की बहु-सांस्कृतिक और भाषाई विविधता, जहां बच्चे विविध पृष्ठभूमि से आते हैं, उनके क्षितिज को व्यापक बनाते हैं और उन्हें एक ऐसा अनुभव प्रदान करते हैं जो महज पाठ्यपुस्तक की शिक्षा से कहीं आगे है। इस प्रकार बच्चे विभिन्न त्यौहार मनाते हैं और विभिन्न संस्कृतियों की कला और संगीत का आनंद लेते हैं। यह उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के प्रति संवेदनशील बनाता है। आत्म-संवर्धन और उन्नति की इस यात्रा में, माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के अन्य गुरुओं की भूमिका भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। आइए हम साहस और दृढ़ विश्वास के साथ भविष्य की ओर एक साथ आगे बढ़ें। स्वामी विवेकानन्द के शब्दों में, उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाये।
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श्री.के.पी.सुधाकरन
प्राचार्य
मुझे बहुत खुशी हो रही है, मैं विद्यालय की वेबसाइट पर आपका स्वागत करता हूं। प्रोजेक्ट सेक्टर केन्द्रीय विद्यालय होने के नाते, मैं सीपीसीआरआई के अध्यक्ष और निदेशक के नेतृत्व में प्रबंधन द्वारा दिखाए गए उत्साह का अत्यधिक आभारी हूं। विद्यालय के प्रमुख के रूप में विद्यालय को एक शिक्षण संगठन बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। हम टीम वर्क में विश्वास करते हैं और असाधारण टीम वर्क के साथ, स्कूल प्रत्येक शिक्षार्थी को समाज के लिए उत्पादक योगदानकर्ता बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है। हम शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन देते हैं।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
सत्र-2026-27 के लिए शैक्षणिक योजना।
शैक्षिक परिणाम
कक्षा-X एवं XII का शैक्षणिक परिणाम विश्लेषण।
बाल वाटिका
बाल वाटिका हमारे विद्यालय में शुरू नहीं की गई है।
निपुण लक्ष्य
निपुण (समझदारी और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए राष्ट्रीय पहल)
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
शैक्षणिक श्रति पूर्ति कार्यक्रम (सी ए एल पी) को विशेष कक्षा लेकर लिया जाता है।
अध्ययन सामग्री
सत्र 2024-25 के लिए छात्र सहायता सामग्री यहां अपलोड की गई है। व्यापक शिक्षण और तैयारी सामग्री।
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
कार्यशाला और प्रशिक्षण विवरण देखने के लिए यहां क्लिक करें...
विद्यार्थी परिषद
'छात्र परिषद' का गठन केवीएस निर्देशों के अनुसार किया जाता है।
अपने स्कूल को जानें
यू.डी.आई.ए.स.ई-स्कूल निर्देशिका प्रबंधन -हमारे स्कूल पर एक नजर..
अटल टिंकरिंग लैब
युवा मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना।
डिजिटल भाषा लैब
सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने को बढ़ावा देना
आई सी टी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
21वीं सदी का सीखने का स्थान
पुस्तकालय
विद्यालय पुस्तकालय एक ऐसा स्थान है जहाँ हमारे छात्रों का मन प्रज्वलित होता है।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विज्ञान प्रयोगशाला -वैज्ञानिक अनुसंधान के संचालन के लिए एक कार्यस्थल है।
भवन एवं बाला पहल
छात्रों के लिए स्कूल के माहौल को सक्रिय शिक्षण उपकरणों में बदलना। रचनात्मक सीढ़ियों और दीवार डिजाइन
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
बेहतर प्रदर्शन के लिए गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा
एसओपी/एनडीएमए
भारत सरकार के एनडीएमए के लिए एसओपी
खेल
गुणवत्तापूर्ण खेल अवसंरचना प्रतिभाओं को आकर्षित करती है
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
‘मानवता की सेवा और प्रकृति की सुरक्षा के लिए तैयार रहें’।
शिक्षा भ्रमण
शैक्षिक दौरे और फील्ड यात्रा के माध्यम से समुदाय तक पहुंच।
ओलम्पियाड
छात्र समुदाय के बीच प्रतिभाशाली दिमागों की पहचान करना और उनका पोषण करना।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित परियोजनाओं या मॉडलों के प्रकार एवं नवाचार को बढ़ावा देना
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक राष्ट्र, एक भावना-इसका मुख्य उद्देश्य भारत में “ विविधता में एकता ” की भारतीय विचारधारा को बढ़ावा देना है
हस्तकला या शिल्पकला
जहां रचनात्मकता अभिव्यक्ति से मिलती है
मजेदार दिन
खोज और प्रसन्नता का दिन
युवा संसद
हमारे विद्यालय को युवा संसद में भाग लेने का अवसर नहीं मिला।
पीएम श्री स्कूल
हमारा विद्यालय पीएम श्री स्कूल योजना के तहत प्रायोजित नहीं है।
कौशल शिक्षा
कौशल शिक्षा (छठी से बारहवीं तक)
मार्गदर्शन एवं परामर्श
सफलता प्राप्त करने में प्रोत्साहन प्रमुख भूमिका निभाता है।
सामाजिक सहभागिता
"केवल दूसरों के लिए जीया गया जीवन ही सार्थक जीवन है।"
विद्यांजलि
एक स्कूल स्वयंसेवक कार्यक्रम
प्रकाशन
यह पुस्तकों और पत्रिकाओं का भंडार है
समाचार पत्र
सीखने के चमत्कारों का अनावरण-यह हमारे नन्हे-मुन्नों की रोमांचक दुनिया
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय - ई-पत्रिका हर माह जारी की जाती है।
देखें क्या हो रहा है ?
विद्यार्थियों के बारे में समाचार और कहानियाँ, तथा विद्यालय में नवाचार
08/09/2026 to 08/09/2026
पुस्तकें नई दुनिया के द्वार खोलती हैं! हमारे विद्यालय में विद्यालय पुस्तकालय, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, सीपीसीआरआई, कासरगोड द्वारा 08/09/2026 से 09/09/2026 तक एक आकर्षक पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है।
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23/08/2024
श्रीमती सपना, पीआरटी के विदाई समारोह I हृदय से आभार एवं शुभकामनाओं के साथ हम श्रीमती सपना, पीआरटी को विदाई देते हैं। विद्यार्थियों के प्रति आपकी निष्ठा, समर्पण एवं स्नेह ने विद्यालय परिवार पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
और पढ़ेंउपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
संघ की गतिविधियों
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2024-25
उपस्थित 35 उत्तीर्ण 35
वर्ष 2023-24
उपस्थित 37 उत्तीर्ण 37
वर्ष 2022-23
उपस्थित 37 उत्तीर्ण 37
वर्ष 2021-22
उपस्थित 34 उत्तीर्ण 34
वर्ष 2024-25
उपस्थित 26 उत्तीर्ण 26
वर्ष 2023-24
उपस्थित 33 उत्तीर्ण 33
वर्ष 2022-23
उपस्थित 37 उत्तीर्ण 37
वर्ष 2021-22
उपस्थित 34 उत्तीर्ण 34